नौढिया कोर्ट बंद होने की वायरल खबर भ्रामक, तहसीलदार ने लिया संज्ञान, जांच में उजागर हुए तथ्य

इंडिया न्यूज एमपी तक चिफ एडिटर दिलीप कुमार गुप्ता की खास रिपोर्ट

दुधमनिया/चितरंगी।दिनांक 4 दिसम्बर 2025 को सोशल मीडिया में प्रसारित एक फोटो सहित समाचार को तहसीलदार दुधमनिया सारिका परस्ते ने गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच किया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि वायरल हुई तस्वीर नायब तहसीलदार वृत नौढिया कोर्ट के बाहर की है, जो चित्रानुसार बंद दिखाई दे रही थी।तहसील प्रशासन ने मामले में संबंधित बाबू को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया तथा लिखित स्पष्टीकरण मांगा। प्रस्तुत जवाब में कर्मचारी ने स्पष्ट किया कि नौढिया कोर्ट प्रतिदिन निर्धारित समय अनुसार खुला रहता है तथा यदि किसी कारणवश अवकाश की आवश्यकता होती है तो विधिवत रूप से अधोहस्ताक्षरी अधिकारी से अनुमति प्राप्त की जाती है।

जांच में यह भी प्रमाणित हुआ कि समाचार में प्रयुक्त फोटो 12 मार्च 2025 की है। उस अवधि में संपूर्ण तहसील भवन निर्माणाधीन अवस्था में था और भवन का उद्घाटन भी संपन्न नहीं हुआ था। अतः प्रकाशित समाचार को तथ्यहीन एवं भ्रामक पाया गया।

तहसीलदार सारिका परस्ते ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों से प्राप्त सभी आवेदन, समस्याएँ और शिकायतें प्राथमिकता से सुनी जाती हैं तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि कार्यालय के सभी कर्मचारियों की उपस्थिति प्रतिदिन उपस्थिति रजिस्टर के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से चेक की जाती है। अब तक फाइलों की हेरा-फेरी अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।

उन्होंने आगे बताया कि दिनांक 4 जून 2025 से खिरवा, दुधमनिया एवं नौढिया मंडलों के लिए पृथक-पृथक पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए जाने के उपरांत प्रत्येक मंडल हेतु अलग बाबू का प्रभार निर्धारित किया गया है तथा अभिलेखों एवं फाइलों को संबंधित कोर्ट में सुव्यवस्थित रूप से रखा गया है।

तहसील प्रशासन ने अपील की है कि बिना तथ्य-जांच किए सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रम फैलाने वाली सामग्री प्रकाशित न करें, अन्यथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

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